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पर्यटन

सिमडेगा : प्रकृति का आँचल और हॉकी का गौरव:-

झारखंड के अनछुए सौंदर्य और “ हॉकी की नर्सरी ”  के रूप में प्रसिद्ध सिमडेगा में आपका स्वागत है। लहरदार पहाड़ियों , घने जंगलों और शांत जलाशयों से सजा यह ज़िला, प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यदि आप भागदौड़ भरी ज़िंदगी से दूर शुद्ध हवा और सांस्कृतिक धरोहरों के बीच सुकून की तलाश में हैं , तो सिमडेगा की शांत वादियाँ आपका इंतज़ार कर रही हैं l

 

01. भँवर पहाड़: बादलों को छूता सिमडेगा का शिखर

कोलेबिरा के पास स्थित भँवर पहाड़ रोमांच और आध्यात्मिकता का एक अद्भुत संगम है। पहाड़ की ऊँचाई से दिखने वाला सिमडेगा का विहंगम दृश्य (Panoramic view) आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाता है। यहाँ की ताज़ी हवा और चारों ओर फैली मखमली हरियाली ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए किसी चुनौती और पुरस्कार से कम नहीं है। यदि आप अपनी यात्रा में थोड़ा रोमांच और ढेर सारा सुकून जोड़ना चाहते हैं, तो भँवर पहाड़ की चोटियों पर आपका स्वागत है।

यात्रा सुझाव:

  • मुख्य आकर्षण: पहाड़ की चोटी पर स्थित मंदिर और वहाँ से दिखने वाला सूर्यास्त (Sunset)।
  • ट्रेकिंग: ऊपर पहुँचने के लिए हल्की चढ़ाई करनी पड़ती है, इसलिए आरामदायक जूते पहनें।
  • विशेष: यह स्थान फोटोग्राफी के लिए सिमडेगा के सबसे बेहतरीन स्पॉट्स में से एक माना जाता है।

भँवर पहाड़ के लिए दूरियाँ:

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय से: लगभग 3 किमी (करीब 42 मिनट)
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन से: लगभग 88 किमी (करीब 2 घंटे 15 मिनट)
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (राँची) से: लगभग 105 किमी (करीब 2 घंटे 10 मिनट)
  • राँची रेलवे स्टेशन से: लगभग 108 किमी (करीब 2 घंटे 15 मिनट)

 

Bhawar pahar

 

02. राजाडेरा जलप्रपात: प्रकृति का जादुई संगीत

सिमडेगा की सघन पहाड़ियों के बीच छुपा राजाडेरा जलप्रपात एक प्राकृतिक अजूबा है। ऊँचाई से गिरते दूधिया पानी की फुहारें और चारों ओर फैली हरियाली यहाँ एक जादुई वातावरण बनाती हैं। शहर के शोर से दूरए यह जलप्रपात पिकनिक और सुकून के पलों के लिए झारखंड का सबसे सुंदर गंतव्य है। आइएए प्रकृति के इस अनमोल उपहार को करीब से देखें l

राजाडेरा जलप्रपात छिन्दा नदी पर स्थित एक बेहद खूबसूरत और शांत पिकनिक स्थल है। यह झारखंड और ओडिशा की सीमा के काफी करीब है।

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय: लगभग 20-25 कि.मी.
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन: लगभग 65-70 कि.मी.
  • रांची रेलवे स्टेशन: लगभग 155-160 कि.मी.
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (रांची): लगभग 150-155 कि.मी.

यात्रा के लिए मुख्य बातें:

  • पहुँचने का मार्ग: यह मुख्य रूप से सिमडेगा-राउरकेला मार्ग (NH-143) से जुड़ा है। जोराम हाई स्कूल के पास से एक कच्चा रास्ता जलप्रपात की ओर जाता है।
  • प्राकृतिक वातावरण: यह स्थान घने जंगलों और सपाट चट्टानों से घिरा हुआ है, जहाँ पानी की मधुर ध्वनि एक प्राकृतिक संगीत जैसा एहसास कराती है।
  • सुझाव: चूंकि यह एक निर्जन और शांत स्थान है, इसलिए यहाँ कोई स्थायी दुकानें नहीं हैं। पर्यटकों को अपने साथ खाने-पीने का सामान ले जाने और सूर्यास्त से पहले वापस लौटने की सलाह दी जाती है।

 

Rajadera

 

03. लरबा डैम: जल और शांति का अनूठा संगम

यदि आप भीड़भाड़ से दूर किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ सिर्फ लहरों की आवाज़ और चिड़ियों की चहचहाहट हो, तो लरबा डैम आपकी पहली पसंद होना चाहिए। सिमडेगा का यह शांत जलाशय न केवल सिंचाई का स्रोत है, बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए एक छिपा हुआ रत्न भी है। यहाँ का नीला पानी और आसपास की हरियाली सूर्यास्त देखने के लिए सबसे उत्तम स्थान है। सुकून के एक दिन के लिए लरबा डैम का रुख ज़रूर करें।

यात्रा सुझाव:

  • गतिविधि: यह स्थान फोटोग्राफी, पिकनिक और शांति से समय बिताने के लिए बेहतरीन है।
  • सावधानी: यहाँ खाने-पीने की स्थायी दुकानें कम हैं, इसलिए अपने साथ ज़रूरी सामान और पानी ज़रूर रखें।

लरबा डैम (Larba Dam) के लिए दूरियाँ:

यह डैम अपनी शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय से: लगभग 36 किमी (लगभग 50-55 मिनट)
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (राँची) से: लगभग 98 किमी (लगभग 2 घंटे)
  • राँची रेलवे स्टेशन से: लगभग 101 किमी (लगभग 2 घंटे 10 मिनट)
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन से: लगभग 93 किमी (लगभग 2 घंटे 20 मिनट)

 

Larba Dam

 

04. सतकोठा: सात पहाड़ियों का रहस्यमयी आंचल

सिमडेगा के जलडेगा में स्थित सतकोठा प्रकृति की एक अनूठी रचना है। सात पहाड़ियों के घेरे और उनके बीच से बहती शांत जलधारा इस स्थान को जादुई बनाती है। यहाँ की चट्टानें और घने वन क्षेत्र एडवेंचर के शौकीनों और शांति की तलाश करने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। यदि आप झारखंड के असली और अनछुए ग्रामीण सौंदर्य का अनुभव करना चाहते हैं, तो सतकोठा की यात्रा आपकी लिस्ट में सबसे ऊपर होनी चाहिए।

यात्रा सुझाव:

  • विशेषता: यह स्थान अपनी विशिष्ट भू-आकृति (Geological structure) के लिए प्रसिद्ध है।
  • पहुँच: जलडेगा प्रखंड से यहाँ पहुँचना आसान है, लेकिन अंतिम कुछ किलोमीटर का रास्ता ग्रामीण इलाकों से होकर गुजरता है।
  • बेस्ट टाइम: अक्टूबर से मार्च के बीच यहाँ का मौसम सबसे सुखद रहता है।

सिमडेगा के जलडेगा प्रखंड में स्थित सतकोठा अपनी सात पहाड़ियों के घेरे और अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहाँ की दूरियाँ और राइट-अप नीचे दिया गया है:

सतकोठा (Satkotha) के लिए दूरियाँ:

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय से: लगभग 45 किमी (लगभग 1 घंटा 12 मिनट)
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन से: लगभग 65 किमी (लगभग 1 घंटा 50 मिनट) — ध्यान दें: यह स्थान राउरकेला से काफी पास पड़ता है।
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (राँची) से: लगभग 134 किमी (लगभग 3 घंटे)
  • राँची रेलवे स्टेशन से: लगभग 137 किमी (लगभग 3 घंटे 5 मिनट)

 

Satkotha

 

05. कोबांग डैम: शांत जल और सुनहरी यादें

सिमडेगा की गोद में बसा कोबांग डैम सुकून तलाशने वालों के लिए एक आदर्श स्थान है। यहाँ की शांत जलराशि और उसके चारों ओर फैली प्राकृतिक हरियाली मन को शांति प्रदान करती है। यह स्थान पिकनिक मनाने, दोस्तों के साथ समय बिताने और फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन है। अगर आप शहर के कोलाहल से दूर प्रकृति के शांत संगीत को सुनना चाहते हैं, तो कोबांग डैम आपका स्वागत करता है।

यात्रा सुझाव:

  • क्या करें: यहाँ सूर्यास्त का नज़ारा बेहद खूबसूरत होता है, जो इसे शाम की सैर के लिए बेहतरीन बनाता है।
  • दूरी: चूंकि यह जिला मुख्यालय से मात्र 20 किमी की दूरी पर है, इसलिए यहाँ आसानी से एक छोटा ब्रेक लिया जा सकता है।

कोबांग डैम (Kobang Dam) के लिए दूरियाँ:

यह डैम सिमडेगा मुख्यालय के काफी करीब स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय है।

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय से: लगभग 6 किमी (लगभग 38 मिनट)
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन से: लगभग 7 किमी (लगभग 2 घंटे 48 मिनट)
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (राँची) से: लगभग 145 किमी (लगभग 3 घंटे 13 मिनट)
  • राँची रेलवे स्टेशन से: लगभग 148 किमी (लगभग 3 घंटे 20 मिनट)

 

Kobang

 

06. बसंतपुर: प्रकृति की गोद में एक शांत विश्राम

सिमडेगा के अनछुए कोनों में बसा बसंतपुर प्रकृति प्रेमियों के लिए एक छिपा हुआ स्वर्ग है। अपनी सुरम्य वादियों, शांत वातावरण और निर्मल जलधाराओं के लिए मशहूर यह स्थान आपको शहरी जीवन के तनाव से पूरी तरह मुक्त कर देता है। चाहे वह परिवार के साथ पिकनिक मनाना हो या एकांत में प्रकृति को निहारना, बसंतपुर की सुंदरता हर पर्यटक का मन मोह लेती है। आइए और सिमडेगा के इस शांत आंचल में कुछ यादगार पल बिताएं।

यात्रा सुझाव:

  • विशेषता: यहाँ की शांति और हरियाली इसे एक बेहतरीन ‘Weekend Getaway’ बनाती है।
  • रूट: सिमडेगा से कुरडेग की ओर जाने वाले रास्ते से यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है।
  • बेस्ट टाइम: सर्दियों का मौसम (नवंबर से फरवरी) यहाँ की सैर के लिए सबसे सुखद होता है।

बसंतपुर (Basatpur) के लिए दूरियाँ:

यह स्थान सिमडेगा के कुरडेग प्रखंड की दिशा में स्थित है और अपनी शांति के लिए प्रसिद्ध है।

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय से: लगभग 30-35 किमी (करीब 50 मिनट)
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन से: लगभग 115-120 किमी (करीब 3 घंटे)
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (राँची) से: लगभग 180-185 किमी (करीब 4 घंटे)
  • राँची रेलवे स्टेशन से: लगभग 185-190 किमी (करीब 4 घंटे 15 मिनट)

 

Basatpur

 

07. भैरव बाबा पहाड़ी: गुफाओं का रहस्य और आस्था का शिखर

सिमडेगा के कोलेबिरा में स्थित भैरव बाबा पहाड़ी न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि प्रकृति की अनूठी कारीगरी का नमूना भी है। एक विशाल गुफा के भीतर विराजमान भैरव बाबा के दर्शन और पहाड़ी की ऊंचाई से दिखने वाले मनमोहक दृश्य पर्यटकों को शांति और रोमांच दोनों का अनुभव कराते हैं। यहाँ की प्राकृतिक गुफाओं की संरचना और शांत वातावरण इसे ट्रेकिंग और आध्यात्मिक चिंतन के लिए एक आदर्श स्थान बनाती है। आइए, सिमडेगा की इस पवित्र और सुंदर पहाड़ी की यात्रा परl

यात्रा सुझाव:

  • मुख्य आकर्षण: पहाड़ के अंदर स्थित प्राकृतिक गुफा और वहां की शांत फिजाएं।
  • विशेष: यहाँ हर साल विशेष अवसरों पर मेला लगता है, जहाँ स्थानीय संस्कृति की झलक देखी जा सकती है।
  • ट्रेकिंग: पहाड़ी पर चढ़ने के लिए सीढ़ियाँ बनी हुई हैं, जिससे ऊपर पहुँचना आसान हो जाता है।

भैरव बाबा पहाड़ी के लिए दूरियाँ:

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय से: लगभग 29 किमी (करीब 42 मिनट)
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन से: लगभग 94 किमी (करीब 2 घंटे 36 मिनट)
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (राँची) से: लगभग 124 किमी (करीब 2 घंटे 38 मिनट)
  • राँची रेलवे स्टेशन से: लगभग 127 किमी (करीब 2 घंटे 44 मिनट)

 

Bhairav Pahar

 

08. दनगदी जलप्रपात: जंगल के बीच छिपा एक अनमोल रत्न

सिमडेगा के बोलबा प्रखंड के घने जंगलों के बीच बसा दनगदी जलप्रपात प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है। चट्टानों के बीच से रास्ता बनाती शंख नदी की धारा यहाँ एक मनोरम दृश्य पैदा करती है। अपनी शांति और शुद्ध वातावरण के कारण यह स्थान पिकनिक और एडवेंचर के लिए एक बेहतरीन गंतव्य है। यदि आप भीड़भाड़ से दूर प्रकृति के एकांत में खुद को भूलना चाहते हैं, तो दनगदी की लहरें आपको पुकार रही हैं।

यात्रा सुझाव:

  • रास्ता: सिमडेगा से बोलबा होते हुए यहाँ पहुँचना एक रोमांचक अनुभव है क्योंकि रास्ता सुंदर जंगलों से होकर गुजरता है।
  • सावधानी: यह थोड़ा दूरस्थ क्षेत्र है, इसलिए दिन के उजाले में यात्रा करना और अपने साथ खाने-पीने का जरूरी सामान रखना बेहतर होगा।
  • विशेष: फोटोग्राफी के लिए यह सिमडेगा के सबसे ‘Instagrammable’ स्पॉट्स में से एक है।

दनगदी जलप्रपात के लिए दूरियाँ:

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय से: लगभग 7 किमी (करीब 1 घंटा 50 मिनट)
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन से: लगभग 98 किमी (करीब 2 घंटे 35 मिनट)
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (राँची) से: लगभग 179 किमी (करीब 4 घंटे)
  • राँची रेलवे स्टेशन से: लगभग 182 किमी (करीब 4 घंटे 6 मिनट)

 

Dangadi_1

 

09. केतुंगा धाम: इतिहास और आस्था की प्राचीन विरासत

सिमडेगा के बानो में स्थित केतुंगा धाम एक ऐतिहासिक धरोहर है जो सदियों पुरानी सभ्यताओं की गवाह रही है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ के प्राचीन शिवलिंग और पुरातात्विक अवशेष राजा विक्रमादित्य के शासनकाल के वैभव को दर्शाते हैं। शांत वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर यह स्थान इतिहासकारों और श्रद्धालुओं के लिए समान रूप से आकर्षण का केंद्र है। यदि आप झारखंड के गौरवशाली अतीत और धार्मिक शांति को महसूस करना चाहते हैं, तो केतुंगा धाम की यात्रा अवश्य करें।

यात्रा सुझाव:

  • ऐतिहासिक महत्व: यहाँ स्थित प्राचीन मूर्तियाँ और मंदिर की वास्तुकला देखने योग्य है।
  • पहुँच: यह स्थान राँची से खूंटी के रास्ते (Khunti Road) भी आसानी से पहुँचा जा सकता है।
  • विशेष: पुरातत्व प्रेमियों के लिए यह स्थान सिमडेगा के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक है।

केतुंगा धाम के लिए दूरियाँ:

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय से: लगभग 58 किमी (करीब 1 घंटा 30 मिनट)
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (राँची) से: लगभग 101 किमी (करीब 2 घंटे 15 मिनट)
  • राँची रेलवे स्टेशन से: लगभग 104 किमी (करीब 2 घंटे 20 मिनट)
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन से: लगभग 85 किमी (करीब 2 घंटे 25 मिनट)

 

Ketunga Dhaam

 

10. मां वन दुर्गा मंदिर: प्रकृति के आँचल में आध्यात्मिक शांति

सिमडेगा-राउरकेला मुख्य मार्ग के समीप तामड़ा में स्थित मां वन दुर्गा मंदिर आस्था का एक पावन केंद्र है। घने वृक्षों की छाया में स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक सुकून प्रदान करता है, बल्कि यहाँ का शांत और हरा-भरा परिवेश मन को तरोताजा कर देता है। यहाँ आने वाले श्रद्धालु माता के दर्शन के साथ-साथ प्रकृति की गोद में शांति के कुछ पल बिता सकते हैं। अपनी सिमडेगा यात्रा के दौरान इस दिव्य स्थान पर रुककर माता का आशीर्वाद लेना न भूलें।

यात्रा सुझाव:

  • स्थान: यह मंदिर मुख्य सड़क (NH-143) के काफी करीब है, जिससे यहाँ पहुँचना बहुत आसान है।
  • विशेष: मंदिर परिसर बहुत ही साफ-सुथरा और शांत है, जो ध्यान और प्रार्थना के लिए उपयुक्त है।
  • समय: यहाँ साल के किसी भी समय जाया जा सकता है, विशेषकर नवरात्रि के दौरान यहाँ भक्तों की काफी भीड़ रहती है।

माँ वन दुर्गा मंदिर के लिए दूरियाँ:

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय से: लगभग 8 किमी (करीब 19-20 मिनट) — यह जिला मुख्यालय के काफी पास है।
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन से: लगभग 90 किमी (करीब 2 घंटे 30 मिनट)
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (राँची) से: लगभग 124 किमी (करीब 2 घंटे 35 मिनट)
  • राँची रेलवे स्टेशन से: लगभग 127 किमी (करीब 2 घंटे 42 मिनट)

 

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11. अंजन पीर साहेब मजार: आस्था और सद्भाव की पावन स्थली

कोलेबिरा की सुंदर वादियों के बीच स्थित हजरत अंजन पीर साहेब का मजार सिमडेगा की गंगा-जमुनी तहजीब का एक चमकता उदाहरण है। यहाँ न केवल मुस्लिम समुदाय के लोग, बल्कि हर धर्म के श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर आते हैं। मजार का शांत और आध्यात्मिक वातावरण मन को असीम शांति प्रदान करता है। हर साल यहाँ आयोजित होने वाला ‘उर्स’ स्थानीय संस्कृति और आपसी भाईचारे का एक भव्य उत्सव होता है। यदि आप सिमडेगा की आध्यात्मिक विविधता को महसूस करना चाहते हैं, तो यहाँ हाजिरी ज़रूर दें।

यात्रा सुझाव:

  • लोकेशन: यह मजार कोलेबिरा चौक के काफी करीब है, जिससे यहाँ पहुँचना बेहद आसान है।
  • उर्स: यदि संभव हो, तो सालाना उर्स के दौरान यहाँ आएँ, जब मजार की रौनक और यहाँ का माहौल देखने लायक होता है।
  • सुविधा: कोलेबिरा एक प्रमुख जंक्शन है, इसलिए यहाँ रुकने और जलपान के अच्छे विकल्प उपलब्ध हैं।

अंजन पीर साहेब मजार (Kolebira) के लिए दूरियाँ:

यह मजार कोलेबिरा के मुख्य क्षेत्र में स्थित है, जो सिमडेगा-राँची मार्ग पर एक प्रमुख पड़ाव है।

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय से: लगभग 28 किमी (करीब 45 मिनट)
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (राँची) से: लगभग 104 किमी (करीब 2 घंटे 10 मिनट)
  • राँची रेलवे स्टेशन से: लगभग 107 किमी (करीब 2 घंटे 15 मिनट)
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन से: लगभग 87 किमी (करीब 2 घंटे 15 मिनट)

 

Anjan

 

12. रामरेखा धाम: भगवान राम के वनवास की पावन स्मृतियाँ

झारखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक रामरेखा धाम आस्था और प्रकृति का एक भव्य संगम है। घने जंगलों और ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित एक विशाल गुफा में बना यह मंदिर भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के वनवास काल की स्मृतियों को संजोए हुए है। यहाँ की प्राकृतिक गुफा, गुप्त गंगा और धनुष रेखा के दर्शन श्रद्धालुओं को त्रेता युग की अनुभूति कराते हैं। आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य की तलाश में सिमडेगा आने वाले हर पर्यटक के लिए रामरेखा धाम एक अनिवार्य गंतव्य है।

प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाला धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव को राजकीय श्री रामरेखा धाम पर्यटन महोत्सव के रूप में मनाया जाता हैं.

यात्रा सुझाव:

  • मुख्य आकर्षण: प्राकृतिक गुफा मंदिर, सीता चूल्हा, गुप्त गंगा और पहाड़ी की चोटी से विहंगम दृश्य।
  • प्रमुख उत्सव: कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहाँ एक बहुत बड़ा तीन दिवसीय मेला लगता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु आते हैं।
  • सुविधा: पहाड़ी के नीचे और ऊपर श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशालाओं की व्यवस्था है।

रामरेखा धाम के लिए दूरियाँ:

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय से: लगभग 3 किमी (करीब 45 मिनट)
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन से: लगभग 105 किमी (करीब 2 घंटे 56 मिनट)
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (राँची) से: लगभग 161 किमी (करीब 3 घंटे 37 मिनट)
  • राँची रेलवे स्टेशन से: लगभग 163 किमी (करीब 3 घंटे 43 मिनट)

 

Ramrekha

 

13. केलाघाघ डैम: सिमडेगा का सबसे सुंदर जल-विहार

सिमडेगा का गौरव कहा जाने वाला केलाघाघ डैम प्रकृति और आधुनिकता का एक शानदार उदाहरण है। ऊँची पहाड़ियों के बीच फैला नीला पानी और डैम के किनारों पर विकसित सुंदर पार्क इसे पर्यटकों की पहली पसंद बनाते हैं। यहाँ का शांत वातावरण, नौका विहार (Boating) की सुविधा और सूर्यास्त का मनोरम दृश्य आपकी यात्रा को यादगार बना देता है। यदि आप सिमडेगा आए हैं और केलाघाघ नहीं देखा, तो आपकी यात्रा अधूरी है। यह परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए जिले का सबसे बेहतरीन स्थान है।

यात्रा सुझाव:

  • मुख्य गतिविधियाँ: नौका विहार (Boating), पार्क में सैर और फोटोग्राफी।
  • पहुँच: शहर के पास होने के कारण यहाँ ऑटो-रिक्शा या निजी वाहन से आसानी से पहुँचा जा सकता है।
  • बेस्ट टाइम: साल भर यहाँ जाया जा सकता है, लेकिन मानसून और सर्दियों (अक्टूबर से मार्च) में यहाँ की खूबसूरती चरम पर होती है।

केलाघाघ डैम के लिए दूरियाँ:

  • सिमडेगा जिला मुख्यालय से: लगभग 6 किमी (मात्र 10 मिनट) — यह शहर के बिल्कुल पास स्थित है।
  • राउरकेला रेलवे स्टेशन से: लगभग 80 किमी (करीब 2 घंटे 10 मिनट)
  • बिरसा मुंडा हवाई अड्डा (राँची) से: लगभग 138 किमी (करीब 3 घंटे)
  • राँची रेलवे स्टेशन से: लगभग 141 किमी (करीब 3 घंटे 5 मिनट)

 

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